تویل افسانہ ؛ میں دریا دریا /ڈر.رنجن زیدی तवील अफ़साना दिल दरिया- दरिया / डा० रंजन जैदी
तवील अफ़साना दिल दरिया-दरिया डॉ रंजन जैदी आज शराफत यार खान का दिन पुराने जमाने के कुछ पुराने मुहावरों की तरह बेहद मनहूस रहा था। देश भर में कोविड के लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी थी। नई खबर थी कि ट्रेनों का भी चक्का जाम होने वाला है। अब पता नहीं कि यह फैलाई गई अफवाह थी या सचमुच कोई सरकारी विज्ञप्ति थी। ऐसी खबरों के बीच शराफत यार ख़ान को अपनी माँ और मौसियों का खयाल आ गया। इस समय दोनों ही लखनऊ में रह रही थीं । इन्हीं उधेड़बुन में शराफत यार खान को अचानक उस एक अजनबी लड़की का भी खयाल आ गया जो पिछली दो रातों से पहले घर लौटते समय उनसे प्लेटफ़ॉर्म के बाहर मिली थी और बिना टिकेट के सफर करती रही थी। उन्होंने तुरंत माता माई को फोन किया, उसके आदमियों से भी संपर्क किया, बताया कि उन्होंने ...